अब मैं जिम्मेदार था/ Ab Main Jimmedar Tha

नादान था
दुनिया से अनजान था;
बेखबर हर बात से
क्या झूठ, क्या सच, क्या बेईमानी,
और क्या ईमान था;
हमेशा बस मैं यही सोचता
लोगों में कैसे इतना ज्ञान था
दुनिया भर की खबर जो रखते
भला उसमें क्या ईनाम था;
अब किन-किन बातों में,
किस-किस तरह का ज्ञान था
हमारी किन-किन जरूरतों में,
कहाँ और कितना विज्ञान था
ये सब जानना,
मेरे लिए कहाँ आसान था ;
फिर पता चला यही मेरा काम था
क्योंकि लोगों का ज्ञान ही उनका अभिमान था,
और दुनिया में इसी से उनका सम्मान था;
क्या कर्म, क्या ज्ञान, क्या अभिमान और क्या सम्मान,
इन सब की चाह में, मैं खासा परेशान था
पर बढ़ती उम्र और बढ़ती जिम्मेदारियों पर अब मेरा भी ध्यान था
ये ध्यान सब, बस मेरे अस्तित्व-निर्माण का ऐलान था
क्योंकि जिम्मेदार कहलाना ही मेरी जिंदगी का मुकाम था,
इसी में मेरा अपना स्वाभिमान था,
और इसी स्वाभिमान पर करना मुझे शान था;
फिर क्या था….,
लग गया जिम्मेदारियों को समझने,उन्हें पूरा करने,
और साथ ही जिन्दगी से कुछ सीखने;
जिम्मदारियों को निभाते, उन्हें पूरी करते
अब मैं भी हो चला सयान था
जिसपे मैं खुद भी बड़ा हैरान था;
पर यही हैरानी मेरी जिन्दगी की असली हकीकत थी
और हकीकत ये थी,
कि अब समाज में मेरा भी एक खास स्थान था,
जहाँ ‘जिम्मेदार’ मेरा पद और वही मेेरा उपनाम था;
अब शायद वाकई अपने पैरों पर खड़ा था
और अपने पैरों पर खड़े होने के एहसास से,
मेरा कन्धा भी अब हो चला बलवान था;
बस मैं अब बड़ा खुश था
इसके अलावा और क्या चाहिए था
अब तो हासिल कर लिया अपना एक जहान था
जहाँ अब न मैं नादान था,
और न ही किसी से अनजान था
क्योंकि अब मैं जिम्मेदार था…..
#latest #hindi #yqdidi #yqbaba #yqhindi #जिम्मेदार #philosophy #hindi  

Advertisements

वो इंसान है /Woh Insaan Hai_Ankit AKP

#वोइंसानहै
पता नहीं कौन है,
कहाँ से आया है ?
पहचान पूछो तो इंसान बताता है,
नाम पूछो तो काम बताता है
पता नहीं किस जगह,
किस जहान से आया है ?
वंश पूछो तो बन्दर याद दिलाता है,
मज़हब पूछो तो धर्म सिखाता है;
न किसी धर्म का भगवान है,
और न ही किसी मज़हब का अनुयायी है
पर हममें ही है वो, ये बताता है
पहचान हमारी अस्तित्व हमारा,
बस खुद से हमारा जुड़ा नाता समझाता है;
हर अच्छाई से उसका नाता है,
खुद के होने पर गर्व जताता है
हम इंसान का सार परिभाषित उससे
खुद का वो महत्व समझाता है
इंसानियत जिस भेष में बसती,
बस खुद को वही इंसान बतलाता है;
पर हम भी तो इंसान हैं आखिर
फिर क्यों खुद को हमसे अलग बताता है
शायद सच ही है
क्योंकि इंसान कहां अब इंसान रहा
इंसानियत से नाता टूट रहा
बुराई के घेरे में जो घिर जाए
बस वहीं इंसानियत दम तोड़ जाए;
बस इंसान वो वही बनकर आया है
बस हममें इंसानियत जगाने आया है
न जाने कितनी वजह हैं,
इंसान को अलग-अलग बांटने की
पर ‘अच्छाई’ वो बस एक यही वजह लेकर आया है
पर साथ वो एक सवाल भी लाया है
कि क्यों जरूरत पड़ती है उसको ये बताने की,
कि इंसान है वो
और इस बात की शर्म भी उसको,
कि वो इंसान को इंसान बनाने आया है
वो इंसान है, वो इंसान है !
#latest #2018 #हिंदी

“गर्मी के दिन हैं आयें/Garmi Ke Din Hain Aaye” #Summerseason

“गर्मी के दिन हैं आयें” #Summerseason
फिर गर्मी के दिन हैं आयें
साथ धूप की छाया लायें
पंखा,कूलर,फ्रिज सब काम पे आयें
जो बिल बिजली का दुगुना लायें
भई! गर्मी के जो दिन हैं आयें;
दिन-दोपहर को मानो जैसे
सूरज दादा कहर बरसाए
ऐसे में घर की चार दीवारी ही भाए
जो उस कहर से हमें बचाए
भई! गर्मी के तो दिन हैं आयें;
गर्म मौसम का सफर है ऐसा
सारी दुनिया झुलस रही है
काम-काज कुछ मेहनत नहीं
दुनिया फिर भी पसीने में डूब रही है
वाकई! गर्मी के दिन हैं आयें;
दिन सूरज से तप गया
रात दिन के तपन से तप गया
ये गर्मी के दिन क्या आयें
इंसान सुकून भरी नींद को तरस गया;
गर्म मौसम का हाल सुनाने
सारे समाचार का हाल बेहाल रहा
हाय! ये सूरज तो यारो
पूरा दिन अंगार रहा;
गर्म मौसम की चाल तो देखो
हवा को भी लपेट लिया
जो कानों को सायं….से लगती
उसको ‘लू’ के नाम से बदनाम किया;
गर्मी के मौसम में यारों
ढलते सूरज का इन्तजार है रहता
हमें रात की चांदनी से प्यार है रहता
सुबह की मदमस्त हवा को छोड़
हर पल जीना दुश्वार है रहता;
न खेल मुनासिब लगता है
न बाहर जाना अच्छा लगता है
गर्मी के दिन में तो यारों
टीवी का प्रोग्राम ही अच्छा लगता है;
ये गर्मी के दिन हैं यारों
जो साथ धूप की छाया लायें
न स्कूल जायें न कॉलेज जायें
बस घर में ही आराम फरमायें;
गर्म मौसम का असर तो देखो
कि आलस भी हममें घर कर गई
जहाँ तहाँ न जाने कब
ये तो बेवक्त ही हमको नींद दे गई;
अब गर्मी का मौसम है तो क्या
आइसक्रीम,शरबत,ठण्डा भी तो है
बस इन्हीं के स्वाद ठिकानों में
गर्मी भी हमको भातो है;
ये गर्मी के दिन हैं यारों
भूले भूलाए न भूले है
न काटे कटाए कटे है
बस अब तो ये सोचकर ही यारों
दिल हमारे दहके है
कि गर्मी के दिन हैं आयें
जो साथ धूप की छाया लायें |

झूठ भी है, सच भी है / Jhoot bhi hai, Sach bhi hai_ Ankit AKP

झूठ भी है, सच भी है
बस फर्क इतना सा है कि झूठ सच को छिपाता है, और सच झूठ को दिखाता है !
और हाँ……हर झूठ के पीछे एक सच तो होता ही है लेकिन यह ज़रूरी नहीं कि सच के पीछे भी एक झूठ हो;
झूठ को भले सच का सहारा लेना पड़ता हो लेकिन सच को झूठ का सहारा नहीं होता ,अगर कोई बात है जो झूठ है मतलब उसके पीछे कोई ना कोई तो सच्चाई है लेकिन हम हर झूठ को नहीं मान सकते कि इस झूठ में भी कोई सच छुपा रखा है क्योंकि कुछ झूठ तो सिर्फ झूठ होते हैं ज़िनमे ना कोई सच्चाई होती है और ना कोई बात होती है, ये झूठ तो बस ऐसे ही स्थान ले लेते हैं ज़िन्हे हम खुद ही बनाते हैं !
झूठ को बुरा कहें या सच को अच्छा कहें, यह तोह आप लोगो की अपनी आपनी सोच है ,बस इतना कहना चाहूँगा कि हर झूठ सच को छूपाने के लिये नहीं होता,कुछ झूठ किसी की परवाह का एहसास दिलाने ,किसी को खुश करने ,किसी को दुख ना देने के लिये भी सच को छूपा लेना चाहिए ,इसमें सच भी झूठ बन जाये तोह क्या झूठ !
सच वैसे भी निष्पक्ष होता है, ऐसा नहीं कि वह झूठ की तरह कहीं भी और किसी भी पक्ष में जगह ले लेता हो |

निकल गया वक़्त

#निकलgayaवक़्त
कोई  आके नहीं रोकता इस वक़्त को ,जाने कब निकल जाता है हाँथ से पता ही नहीं चलता ; जरुरत है इस  वक़्त की मुझे, मुझे इस वक़्त के साथ मिलकर बहुत कुछ करना है लेकिन वो वक़्त अब मेरे साथ नहीं है ,वो तो बहुत दूर निकल गया मुझसे
कभी कभी तो सोचता हूँ अगर वक़्त रहते इस वक़्त को वक़्त दे देते तो आज वक़्त से अपने लिए वक़्त न मांगना पड़ता ; अब तो बस यह वक़्त ही है जो उस वक़्त की याद दिलाता है जिस वक़्त इस वक़्त की कदर  नहीं थी और जब कदर है तोह वह वक़्त हाँथ नहीं है !😣😣😣😣

Intelligent का tagline मिलना भी बड़ा सिरदर्द होता है

Intelligent का tagline मिलना भी बड़ा सिरदर्द  होता है क्योंकि जिन्हे ये Intelligent का tagline मिला होता है, उनसे ये उम्मीद तो जताई ही नहीं जाती  कि वो कभी भी कोई बेवकूफी करेंगे;
और कुछ Intelligent तो ऐसे होते हैं जिन्हें कुछ बेवकूफ लोग Intelligent बनाते हैं, भले उसे कुछ पता न हो. ऐसे में अगर इसी Intelligent से कोई बेवकूफी हो जाती है तोह यही लोग उसे क्या कहते पाए जाते हैं – “अरे यार हम तोह तुझे बड़ा होशियार समझते थे, हमने कभी नहीं सोचा था की तुझसे भी कभी कोई बेवकूफी हो सकती है। अब वह बेचारा क्या करे उसका थोड़ा बहुत कुछ पता होना उसे Intelligent category में शामिल कर गया और इस पर भी वह यह कोशिश करता है कि  इस पर वह अपनी सारी बेवक़ूफ़ियत से दूर रहेगा, पर वह Intelligent उस दर्जे का नहीं जिसे कुछ बेवक़ूफ़ लोगों ने दे डाला है , मानो जैसे अंधों में काना राजा वाली बात हो गयी ; पर यह बात तब तक ही सीमित है जब तक वह हर सवाल का जवाब जानता है , इसके बाद तोह उसे नीचे गिरना पड़े ऐसा कुछ होने लगता है……
अब मैं पूछता हूँ किसी का बेवक़ूफ़ होना इस बात का सबूत हो सकता है क्या कि उसे कुछ नहीं आता।
नहीं, बिलकुल नहीं !

Note – मैं यहाँ किसी को बेवक़ूफ़ समझने या कहने की जरा भी कोशिश नहीं कर रहा हूँ , मैं तोह बस उन लोगों की तरफ से बेवक़ूफ़ बोल रहा हूँ जो अपने नजरिये से अपने आप को ही  बेवक़ूफ़ समझते हैं !

सही है, सबकुछ सही है

सही है, सब कुछ सही है

सिवाय गलत के…..

अब गलत को गलत ढंग से गलत कहें या सही ढंग से गलत कहें, लेकिन गलत तो गलत है उसमें क्या सही सोचना, गलत को सही कहना गलत है या सही को गलत कहना गलत होगा, हमें नहीं पता लेकिन जो भी होगा गलत ही होगा ना

” अब गलत क्या है ? “,शायद ये सोचना सही होगा, वाकई सही होगा…..

सोचो…. अगर हम सही में सोचने लगे कि गलत क्या है तो हो सकता है कि सब सही हो जाए, असल में तो हमें गलत से दूर रहना है और अगर हमें पता है कि ये गलत है, तो जाहिर है कि हम उस गलत से दूर रहना पसन्द करेंगे और ऐसा करना हमारे लिए सही होगा

लेकिन……..

हैं तो आखिर हम इंसान ही ,और इंसान गलत के चक्कर में भले न पड़े लेकिन अपनी गलतियों में तो जरूर उलझ जाता है ;

अब ये गलत है या सही, ये सोचना भी हमारे हाथ में नहीं है, अब क्यों नहीं है ये सोचना सही होगा…. So think about it………

 

So Here my first post _मेहनत, मेंहदी की तरह होती है

मेहनत भी न मेंहदी की तरह होती है, जिस तरह मेंहदी लगाने के बाद हम चाहे कि मेंहदी तुरन्त रंग लाए तो ऐसा नहीं हो सकता, अगर रंग आया भी तो वह फीका होगा ,उसी तरह जब हम अपनी मेहनत किसी चीज पर लगाते हैं और चाहे कि हमारी मेहनत तुरन्त रंग लाए तो ऐसा सम्भव नहीं है |
मेंहदी लगाकर जैसे हम थोड़ा इन्तजार करते हैं, थोड़ा धैर्य रखते हैं ताकि मेंहदी अच्छा और गाढा रंग लाए, उसी तरह मेहनत भी रंग लाती है उसका भी परिणाम अच्छा ही मिलता है बशर्ते अगर थोड़ा इन्तजार करे तो, थोड़ा धैर्य रखे तो |
So do your hard work and wait for result,positive result & success.images