Love Poetry_मुझे इतना ही याद है

कल की बातों का जिक्र मुझे आज भी याद है तुझे भूलकर देखा पर आज भी तुझसे मेरा याराना याद है वो तुमसे दिल का लगाना याद है; तू गई भले दूर मुझसे, पर तुझे हर पल महसूस करना याद है अब कहने को तो बचा नहीं कुछ पर तेरी कही हर बात मुझे आज … More Love Poetry_मुझे इतना ही याद है

अभी-अभी /Abhi-Abhi _Hindi Sensitive poem

अभी-अभी तो वह रेंगा था लोगों ने उसे कुचलना शुरू कर दिया; उसने लोगों से अपनी जान बचानी चाही तो लोगों ने उसे हमला समझ लिया; आखिर क्या किया गुनाह है उसने जो लोग उसे अपना दुश्मन समझ बैठे; मिली जिन्दगी उसे वही जो मिली जिन्दगी औरों को फिर क्यों उसकी जिन्दगी का मोल नहीं … More अभी-अभी /Abhi-Abhi _Hindi Sensitive poem

मुझे रावण का जलना बिल्कुल समझ न आया_Ankit AKP

न जाने कैसा मंजर था उस रावण-दहन में बच्चे की होंठों पे मुस्कान देखी, तो रावण का जलना समझ में आया लेकिन जब राम की भेष में धनुष उठाए उस शख़्स के चेहरे में एक सुकून भरी जैसी खुशी देखी, तब मुझे रावण का जलना समझ बिल्कुल न आया क्योंकि बच्चे के लिए तो जो … More मुझे रावण का जलना बिल्कुल समझ न आया_Ankit AKP

अब मैं जिम्मेदार था/ Ab Main Jimmedar Tha

नादान था दुनिया से अनजान था; बेखबर हर बात से क्या झूठ, क्या सच, क्या बेईमानी, और क्या ईमान था; हमेशा बस मैं यही सोचता लोगों में कैसे इतना ज्ञान था दुनिया भर की खबर जो रखते भला उसमें क्या ईनाम था; अब किन-किन बातों में, किस-किस तरह का ज्ञान था हमारी किन-किन जरूरतों में, … More अब मैं जिम्मेदार था/ Ab Main Jimmedar Tha

वो इंसान है /Woh Insaan Hai_Ankit AKP

#वोइंसानहै पता नहीं कौन है, कहाँ से आया है ? पहचान पूछो तो इंसान बताता है, नाम पूछो तो काम बताता है पता नहीं किस जगह, किस जहान से आया है ? वंश पूछो तो बन्दर याद दिलाता है, मज़हब पूछो तो धर्म सिखाता है; न किसी धर्म का भगवान है, और न ही किसी … More वो इंसान है /Woh Insaan Hai_Ankit AKP

“गर्मी के दिन हैं आयें/Garmi Ke Din Hain Aaye” #Summerseason

“गर्मी के दिन हैं आयें” #Summerseason फिर गर्मी के दिन हैं आयें साथ धूप की छाया लायें पंखा,कूलर,फ्रिज सब काम पे आयें जो बिल बिजली का दुगुना लायें भई! गर्मी के जो दिन हैं आयें; दिन-दोपहर को मानो जैसे सूरज दादा कहर बरसाए ऐसे में घर की चार दीवारी ही भाए जो उस कहर से हमें … More “गर्मी के दिन हैं आयें/Garmi Ke Din Hain Aaye” #Summerseason

झूठ भी है, सच भी है / Jhoot bhi hai, Sach bhi hai_ Ankit AKP

झूठ भी है, सच भी है बस फर्क इतना सा है कि झूठ सच को छिपाता है, और सच झूठ को दिखाता है ! और हाँ……हर झूठ के पीछे एक सच तो होता ही है लेकिन यह ज़रूरी नहीं कि सच के पीछे भी एक झूठ हो; झूठ को भले सच का सहारा लेना पड़ता … More झूठ भी है, सच भी है / Jhoot bhi hai, Sach bhi hai_ Ankit AKP

Two Liner Hindi Quotes “गलतियाँ समझदार होने पर ही क्यों होती हैं” _Ankit AKP

पता नहीं इंसान से तभी गलतियाँ क्यों होने लगती हैं, जब वह समझदार होने लगता है !!!

निकल गया वक़्त

#निकलgayaवक़्त कोई  आके नहीं रोकता इस वक़्त को ,जाने कब निकल जाता है हाँथ से पता ही नहीं चलता ; जरुरत है इस  वक़्त की मुझे, मुझे इस वक़्त के साथ मिलकर बहुत कुछ करना है लेकिन वो वक़्त अब मेरे साथ नहीं है ,वो तो बहुत दूर निकल गया मुझसे कभी कभी तो सोचता … More निकल गया वक़्त